इन फैक्टर में सबसे ज्यादा 60 से 80 फीसदी तक का योगदान हमारे जेनेटिक्स का होता है. इसके अलावा बचे हुए कारणों में प्राकृतिक कारण जैसे खान-पान, एक्सरसाइज़ आदि होते है.
क्रोनिक थकान सिंड्रोम आमतौर पर थकान के रूप में जाना जाता है, जो विषाक्त पदार्थों के निर्माण के कारण होता है, जिसके परिणामस्वरूप मन, शरीर और आत्मा के बीच डिस्कनेक्ट होता है. आयुर्वेदिक उपचार समग्र है, और इसमें ध्यान, आहार, मालिश, श्वास तकनीक और हर्बल उपचार शामिल हैं.
कोविड-19 कोरोनावायरस के चलते हुए लॉकडाउन में लोगों को घर में रहना पड़ रहा है. जिस कारण बहुत से लोगों को बैचेनी, घबराहट और अवसाद जैसी समस्याओं को झेलना होना पड़ रहा है. आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है ऐसी ही कुछ बातें जिनसे आप बैचेनी, घबराहट और ड्रिपेशन से छुटकारा पा सकते हैं.
किसी भी कारण से लीवर के सिरोसिस को विकसित करने वाले रोगी के लिए उपलब्ध एकमात्र क्यूरेटिव विकल्प लिवर ट्रांसप्लांट (क्रॉनिक हेपेटाइटिस बी, क्रोनिक हेपेटाइटिस सी, एल्कोहॉलिक सिरोसिस, एनएएसएच आदि) होता है. जब किसी रोगी को सिरोसिस का पता चलता है तो इसे किसी भी नॉन-सर्जिकल उपचार के साथ नहीं बदला जा सकता है.